मौसम है मस्ताना Thursday, May 15 2008
પ્રેમગીત 1:56 pm
मौसम है मस्ताना
१५/५/२००८ प्रदीप ब्रह्मभट्ट
आजका मौसम है मस्ताना,
ओर प्यार भराये दील अनजाना
आज हमारी बाहोमें हो तुम
दील ना कहीं ओर हो गुम
…..आजका मौसम है
दीलबर तुमको कह रहे थे,
ओर प्यार भरा दिल दे रहे थे
यार हमारा दील है अब डुल,
जब सोचु मै पास मेरे हो तुम
…..आजका मौसम है
लगन लगी है दीलबर जानी,
जींदगी मेरी अब हुइ दीवानी
आग लगी है दीलमे मेरे,
पास खडी हो जाओ दीलबर
…..आजका मौसम है
सुनके मेरे दीलकी बात
जीना जीवन है तेरे साथ
प्यार भरा दील पाया तुमसे
अब जीवन पल कहीं ना उलझे
…..आजका मौसम है
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