सच्चा प्यार


                         सच्चा प्यार

ताः९/९/२०१२                          प्रदीप ब्रह्मभट्ट

सच्चे दीलसे प्यार करो तो,प्यार ही मिलता है
अल्ला इश्वर एक समजो तो,कृपाही मिलती है
.              ………………….सच्चे दीलसे प्यार करो तो.
श्रध्धा रखके स्मरण करनेसे,प्रभु द्रष्टिही होती है
सरळ जीवनकीराह मिलनेसे,सब झंझट जाती है
सुबह शामकी एक ही द्रष्टि,पावनकर्म ही देती है
जलासांइकी परम कृपा,जीवको शांन्ति मीलती है
.               ………………….सच्चे दीलसे प्यार करो तो.
मायामोहके बंधनभागे,जहां भक्तिप्रेमसे होती है
निर्मळ जीवन अनंतआनंद,श्रध्धा सबुरी देती है
हिन्दु मुस्लीम एकबने तब,मानवता महेंकती है
श्रध्धा और विश्वास जीवका,मुक्ति मार्ग देती है
.              …………………..सच्चे दीलसे प्यार करो तो.
मानवताकी महेंक जीवनमे,सच्ची भक्ति देती है
शरण बाबाके जाओगे तुम,मन मंदीर हो जायेगा
कलीयुगकी ना केडी रहेगी,ना अंधश्रध्धा भी पास
मोक्षकी राह मीले जीवको,ना जन्म मरण संताप
.           …………………….सच्चे दीलसे प्यार करो तो.

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