.रहेम नजर


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.                        . रहेम नजर

ताः२९/८/२०१३                        प्रदीप ब्रह्मभट्ट

सांइ सांइके स्मरण मात्रसे,मिल जाता है बाबाका प्यार
रहेम नजर होनेसे जीवको,भक्तिका मील जाताहै पाथ
.                          ……………..सांइ सांइके स्मरण मात्रसे.
ॐसांइ ॐसांइ जपनेसे,शांन्तिका मील जाता हई साथ
द्वारपे आकर बाबा मीलते,घर हो जाये शेरडीका धाम
सुखशांन्ति जीवनमे आती,येही है रहेम नजरका काम
सदा प्रेमकी नजर हो जानेसे,भक्ति होजाती निश्काम
.                       ……………….सांइ सांइके स्मरण मात्रसे.
बाबा मेरे बडे है दयालु,उज्वळ जीवनमें देते है साथ
पावनकर्म होनेसे प्रदीपको,मील जाता बाबाका प्यार
आकर मेरे घरमें रहेते,लगता हमे जीवनमे सहवास
सच्चे दीलसे भक्ति करनेसे,रहेम नजर होती अपार
.                       ………………..सांइ सांइके स्मरण मात्रसे.

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