मेरा भारत महान


.           .मेरा भारत महान    

ताः२६/१/२०१९   (स्वातंत्रदींन)    प्रदीप ब्रह्मभट्ट

जगमे सुंदर है दो नाम,चाहे भारत कहो या हिंदुस्तान
 येही पवित्रभुमी है जगतमे,अजबशक्तिशाळी मील जाय
   पावनराह देते दुनीयाको,एसे वडाप्रधान भारतके होजाय
येही परमक्रुपा है परमात्माकी,भारतकी शान दुनीयामे हो जाय.

वंदे मातरम साथ करते है सलाम भारतदेशको हर साल
   जनगणमन अधीनायक जगमें,वंदन करते भारतके संतान
अनोखी राह जगतमें देते,जन्मलेकर भारतीय कहेलाते आज
  परमक्रुपा है परमात्माकी,अनेक देहसे पवित्रदेश कर जाय 
येही परमक्रुपा है परमात्माकी,भारतकी शान दुनीयामे हो जाय.

जयहो भारतमाताकी जगतमें,जहां पवित्रशांन्तिसे जीवनजीवाय
  अनंतप्रेमकी गंगा वहे देशमें,जो देहोको अनंतशांंन्ति दे जाय
उजवळ जीवनकीराह पकडके,दुनीयामे भारतकी शान लेजाय
  येही पवित्र शक्तिशाळी देशके,गुजराती वडाप्रधानभी होजाय
येही परमक्रुपा है परमात्माकी,भारतकी शान दुनीयामे हो जाय.
======================================================
    दुनीयामे अजब शक्तिशाळी पवित्रदेश भारतके स्वातंत्रदीन पर ये काव्य 
सप्रेम भेंट               ताः७/१/२०१९
ली.प्रदीप ब्रह्मभट्ट सहित ह्युस्टनके कलमप्रेमीओसे भारतमाताकी जय.
======================================================